मेरी आँखों में तिरे प्यार का आँसू आए कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ तिरी ख़ुशबू आए : बशीर बद्र

मेरी आँखों में तिरे प्यार का आँसू आए कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ तिरी ख़ुशबू आए वक़्त-ए-रुख़्सत कहीं तारे कहीं जुगन…

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी होती है दिलबरों की इनायत कभी कभी : साहिर लुधियानवी

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी होती है दिलबरों की इनायत कभी कभी शर्मा के मुँह न फेर नज़र के सवाल पर लात…

अब कोई गुलशन न उजड़े अब वतन आज़ाद है रूह गंगा की हिमाला का बदन आज़ाद है : साहिर लुधियानवी

अब कोई गुलशन न उजड़े अब वतन आज़ाद है रूह गंगा की हिमाला का बदन आज़ाद है खेतियाँ सोना उगाएँ वादियाँ मोती लुटाए…

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा : साहिर लुधियानवी

ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा जिस तरह से थोड़ी सी तिरे साथ कटी ह…

सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते जाते वर्ना इतने तो मरासिम थे कि आते जाते : अहमद फराज़

सिलसिले तोड़ गया वो सभी जाते जाते वर्ना इतने तो मरासिम थे कि आते जाते शिकवा-ए-ज़ुल्मत-ए-शब से तो कहीं बेहतर थ…

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया : साहिर लुधियानवी

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया बर्बादियों का सोग मनाना फ़ुज़ूल था बर्…

आँखों से हया टपके है अंदाज़ तो देखो है बुल-हवसों पर भी सितम नाज़ तो देखो : मोमिन खां मोमिन

आँखों से हया टपके है अंदाज़ तो देखो है बुल-हवसों पर भी सितम नाज़ तो देखो उस बुत के लिए मैं हवस-ए-हूर से गुज़र…

ये किस के आँसुओं ने उस नक़्श को मिटाया जो मेरे लौह-ए-दिल पर तू ने कभी बनाया : फहमीदा रियाज़

ये किस के आँसुओं ने उस नक़्श को मिटाया जो मेरे लौह-ए-दिल पर तू ने कभी बनाया था दिल जब उस पे माइल था शौक़ सख़्…

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